अहिंसावादी पार्टी की क्यों ?

आरोप प्रत्यारोप भारतीय राजनीती का अहम् अंग बन कर रह गया है, एक पार्टी दुरसी पार्टी पर आरोप मंढती है तो दूसरी पहली पर, और इन आरोप प्रत्यारोपों के बिच जनता के अलसी मुद्दे दब के रह जाते है, स्वयं के स्वार्थ के लिए सत्ता के लिए सब पार्टी बस दुसरो में बुराई ढूंढती है खामी निकलती है इसने ये बोला नहीं किया उसने वो बोला नहीं किया, अहिंसावादी पार्टी हमारे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने देश को जिस रास्ते पर चलना सिखाये थे बापू जिन सिधान्तो को मानते थे उन्ही सिद्धांतो को लेकर देश की जनता के बिच काम करने के लिए आयी है. अहिंसावादी पार्टी एक ऐसे समाजसेवी कलमकार व् गौ रक्षक जीवदया प्रेमी दयाभावी व्यक्ति स्वर्गीय श्री अशोक जी लुनिया की कल्पना है जिन्होंने सदैव निरंतर कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी बिना हार मने अहिंसा के पथ पर चलते हुए निरंतर कार्य करना सिखाया है वहीँ कभी किसी की आलोचना न करते हुए सभी के लिए सामान भाव से सेवाभावी रहना सिखाया है. और आज अहिंसावादी पार्टी उन्ही सिद्धांतो पर आगे बढ़ते हुए बिना किसी पर आरोप प्रत्यारोप किये देश की सेवा करने आप सभी के बिच आयी है. आप हमें सत्ता दे ना दें, आप हमें चुनाव में समर्थन दें ना दें. हम निरंतर रूप से आपके समक्ष आपकी सेवा के लिए समर्पित रहेंगे.